ताइवान को लेकर चीन दुनियाभर के देशों पर दबाव बढ़ाता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साफ तौर पर चेतावनी दे दी थी कि अगर ताइवान के मुद्दे का उचित समाधान नहीं किया गया तो चीन और अमेरिका के बीच टकराव और यहां तक कि संघर्ष भी हो सकता है। वहीं, अब चीन ने ताइवान के मुद्दे को लेकर न्यूजीलैंड के खिलाफ भी कड़ा कदम उठाया है। दरअसल, चीन ने न्यूजीलैंड के चार सांसदों पर एक साल के लिए चीन यात्रा पर बैन लगा दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन सांसदों ने ताइवान का दौरा किया था। चीन ने इन सांसदों से माफी की भी मांग की है।
न्यूजीलैंड की सरकार ने क्या कहा?
न्यूजीलैंड में मौजूद चीन के दूतावास ने सांसदों पर कार्रवाई को लेकर न्यूजीलैंड के अधिकारियों को सूचना दे दी है। वहीं, इस मुद्दे पर न्यूजीलैंड की सरकार का बयान भी सामने आ गया है। उन्होंने कहा है कि चीन ने ताइवान के साथ संपर्क के कारण पहले भी कई देशों के सांसदों पर प्रतिबंध लगाए हैं, हालांकि, न्यूजीलैंड के सांसदों के साथ ऐसा पहली बार हो रहा है।
सांसदों ने माफी की मांग को खारिज किया
AP के मुताबिक, जब गुरुवार को जब चीन द्वारा प्रतिबंध को झेलने वाले दो सांसदों से संपर्क किया गया तो उन्होंने माफी की मांग को खारिज कर दिया। न्यूजीलैंड सरकार ने कहा है कि वह चीन के यात्रा प्रतिबंधों पर चिंता व्यक्त करेगी। न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स के प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि देश के सांसदों ने मई में ताइवान का दौरा किया था और न्यूजीलैंड के सांसद दशकों से ऐसा करते आ रहे हैं।
ताइवान को अपना हिस्सा बताता है चीन
आपको बता दें कि चीन, ताइवान को अपना अटूट हिस्सा बताता है कि जो कि अलग हो गया है। चीन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर वह बलपूर्वक ताइवान का नियंत्रण अपने हाथ में ले सकता है। चीन का ये भी कहना है कि ताइवान को विदेश संबंध रखने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसे में चीन अन्य देशों के सांसदों द्वारा ताइवान की यात्रा को चीन के संप्रभुता के दावों का उल्लंघन मानता है। वहीं, दूसरी ओर ताइवान खुद को एक स्वतंत्र देश बताता है। (इनपुट: एपी)
ये भी पढ़ें- 18 हजार की आबादी वाले देश ने चीन को दिखाई आंखें, कहा- ताइवान का समर्थन करते रहेंगे
चीन को यूरोप के इस देश ने दिया करारा जवाब, कहा- 'ड्रैगन हमें न बताए कि हम किससे रिश्ते बनाएं'